यूपी में शिक्षकों के समायोजन पर हाई कोर्ट की सख्ती, अंतरिम रोक बढ़ी; 17 फरवरी को होगी अहम सुनवाई

लखनऊ में शिक्षकों के समायोजन से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने बड़ा फैसला दिया है। कोर्ट ने प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में चल रही समायोजन प्रक्रिया पर पहले से लगी अंतरिम रोक को अगली सुनवाई तक बढ़ा दिया है। अब इस मामले में 17 फरवरी को अगली सुनवाई होगी।

130 याचिकाओं पर एक साथ हुई सुनवाई
यह आदेश न्यायमूर्ति श्री प्रकाश सिंह की एकल पीठ ने शिक्षकों की ओर से दाखिल कुल 130 अलग-अलग याचिकाओं पर संयुक्त सुनवाई के बाद पारित किया। याचिकाओं में समायोजन प्रक्रिया के तीसरे चरण में नियमों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया गया है।

पक्षकारों ने दाखिल किए जवाबी और प्रत्युत्तर शपथ पत्र
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से जवाबी शपथ पत्र और प्रत्युत्तर शपथ पत्र दाखिल किए गए। दस्तावेजों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने अंतिम सुनवाई के लिए 17 फरवरी की तारीख तय की और तब तक के लिए समायोजन प्रक्रिया पर अंतरिम रोक जारी रखने का निर्देश दिया।

समायोजन प्रक्रिया में विसंगतियों का आरोप
याचिकाओं में दावा किया गया है कि पहले चरण के समायोजन के बाद कई जिलों में स्कूल एकल शिक्षक वाले हो गए थे। इसके बाद अगस्त में दूसरे चरण का समायोजन किया गया, लेकिन उसमें भी विसंगतियां दूर नहीं हो सकीं। आरोप है कि कुछ जिलों में मनमाने ढंग से वरिष्ठ शिक्षकों को स्थानांतरित किया गया, जबकि कुछ स्थानों पर कनिष्ठ शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में भेज दिया गया।

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